Solar Rooftop Subsidy Yojana – मध्यप्रदेश सरकार ने अब एक जबरदस्त योजना शुरू की है जिससे आम जनता को न सिर्फ बिजली के भारी बिल से राहत मिलेगी, बल्कि पर्यावरण की रक्षा में भी योगदान मिलेगा। हम बात कर रहे हैं Solar Rooftop Subsidy Yojana 2025 की। अगर आप अपनी छत पर 3 किलोवॉट का सोलर पैनल लगवाते हैं, तो सरकार आपको ₹78,000 तक की सब्सिडी दे रही है। यह सब्सिडी केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत दी जा रही है और इसका मकसद है लोगों को सस्ती, टिकाऊ और स्वच्छ बिजली मुहैया कराना।
कैसे मिलती है ₹78,000 की सब्सिडी?
अब आपके मन में सवाल उठ रहा होगा कि आखिर यह सब्सिडी मिलती कैसे है? तो इसका जवाब काफी सिंपल है। इस योजना के तहत पहले 2 किलोवॉट सोलर सिस्टम पर सरकार ₹30,000 प्रति किलोवॉट के हिसाब से सब्सिडी देती है। यानी पहले 2 किलोवॉट के लिए कुल ₹60,000 की सहायता मिल जाती है। तीसरे किलोवॉट पर ₹18,000 की अतिरिक्त सब्सिडी मिलती है। इस तरह कुल ₹78,000 की मदद सरकार की तरफ से सीधे उपभोक्ता को दी जाती है। इस सब्सिडी की वजह से सोलर सिस्टम लगवाने की लागत काफी हद तक कम हो जाती है, जिससे लोगों को इस दिशा में कदम बढ़ाने का हौसला मिलता है।
आवेदन कैसे करें – प्रक्रिया जानिए
इस योजना का फायदा लेने के लिए आपको कहीं चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है। सबसे पहले आपको जाना होगा www.pmsuryaghar.gov.in पर। यहां आपको रजिस्ट्रेशन करना होगा, जिसमें आपको अपनी जानकारी जैसे नाम, मोबाइल नंबर, राज्य, डिस्कॉम आदि भरनी होती है। रजिस्ट्रेशन के बाद आप अपने क्षेत्र के किसी भी अधिकृत वेंडर का चयन कर सकते हैं। जानकारी के लिए बता दें कि मध्यप्रदेश में लगभग 850 वेंडर इस योजना के लिए अधिकृत हैं। सोलर सिस्टम इंस्टॉल हो जाने के बाद जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होते हैं, जिसके बाद सब्सिडी की प्रक्रिया शुरू हो जाती है।
5 से 6 साल में पूरी हो जाती है लागत
बहुत सारे लोग यही सोचते हैं कि सोलर सिस्टम लगवाना काफी महंगा पड़ता है। हां, शुरुआत में आपको थोड़ा इन्वेस्टमेंट करना होता है, लेकिन इसका फायदा लंबे समय तक मिलता है। विशेषज्ञों की मानें तो जो पैसा आप शुरुआत में लगाते हैं, वो 5 से 6 साल में वसूल हो जाता है। उसके बाद जो बिजली आप अपने सोलर पैनल से बनाते हैं, वो पूरी तरह से मुफ्त होती है। इससे आपका हर महीने का बिजली बिल तो कम होता ही है, साथ ही आपको बिजली कटौती की भी चिंता नहीं करनी पड़ती। कुल मिलाकर यह एक बार का निवेश है, जिसका फायदा आपको सालों तक मिलता है।
पर्यावरण का भी हो रहा है फायदा
सोलर सिस्टम लगवाना सिर्फ आपके बिजली बिल को कम नहीं करता, बल्कि यह पर्यावरण के लिए भी बहुत फायदेमंद है। जब आप अपने घर की बिजली खुद सौर ऊर्जा से बनाते हैं, तो कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है। इससे वायुमंडल साफ रहता है और ग्लोबल वॉर्मिंग जैसी समस्याएं भी कम होती हैं। एक जागरूक नागरिक के तौर पर सोलर एनर्जी को अपनाना आज के समय की बड़ी जरूरत बन चुकी है। सरकार भी चाहती है कि हर घर अपनी छत पर सोलर पैनल लगवाए और इस मुहिम का हिस्सा बने।
लोगों तक पहुंचाई जा रही है योजना की जानकारी
इस योजना को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार और उसके नॉलेज पार्टनर मिलकर लगातार काम कर रहे हैं। हाल ही में भोपाल में एक वर्कशॉप का आयोजन किया गया, जहां आम लोगों, मीडिया और विशेषज्ञों को इस योजना की जानकारी दी गई। कार्यशाला का मकसद यही था कि लोग सोलर सिस्टम की तकनीक और इसके फायदों को समझें और बिना झिझक इस दिशा में कदम बढ़ाएं। इस तरह के आयोजन अब और भी शहरों में किए जा रहे हैं, जिससे लोग योजना से जुड़ सकें।
कुछ सामान्य सवाल (FAQs)
प्र. 1: क्या कोई भी व्यक्ति इस योजना का लाभ ले सकता है?
हां, यदि आपके घर की छत पर पर्याप्त जगह है और आप अपने घर के लिए सोलर सिस्टम लगवाना चाहते हैं, तो आप इस योजना का लाभ ले सकते हैं। बस आपको www.pmsuryaghar.gov.in पर रजिस्ट्रेशन करना होता है।
प्र. 2: सब्सिडी कब और कैसे मिलती है?
सब्सिडी इंस्टॉलेशन के बाद जरूरी दस्तावेज जमा करने पर मिलती है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद सब्सिडी की राशि सीधे उपभोक्ता के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर की जाती है।
प्र. 3: क्या सोलर पैनल लगाने के बाद बिजली पूरी तरह फ्री हो जाती है?
हां, एक बार लागत वसूल हो जाने के बाद जो बिजली आप बनाते हैं, वो पूरी तरह मुफ्त होती है। यह आपके बिजली बिल में बड़ा फर्क ला सकती है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से तैयार किया गया है। योजना से जुड़ी किसी भी प्रकार की सही, सटीक और ताज़ा जानकारी के लिए कृपया सरकारी वेबसाइट या संबंधित विभाग से संपर्क करें। इसमें दी गई जानकारी की शुद्धता या अद्यतन होने की गारंटी लेखक द्वारा नहीं दी जाती है।