Senior Citizen FD Scheme – भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD स्कीम हमेशा से लोगों की पसंदीदा रही है। जब भी बात सुरक्षित निवेश की आती है, तो ज्यादातर लोग FD को ही सबसे भरोसेमंद विकल्प मानते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह है इसकी स्थिरता और बिना रिस्क के मिलने वाला ब्याज। अब हाल ही में SBI ने अपनी FD की ब्याज दरों में कुछ बदलाव किए हैं, जो हर निवेशक के लिए जानना जरूरी है।
SBI की FD स्कीम: कितनी है नई ब्याज दर
SBI की FD स्कीम 7 दिन से लेकर 10 साल तक की अलग-अलग अवधि के लिए होती है। नई ब्याज दरों के अनुसार, छोटी अवधि की FD (जैसे 7 से 45 दिन तक) पर आम नागरिकों को 3.30% और सीनियर सिटीजन को 3.80% का ब्याज मिलेगा। जैसे-जैसे अवधि बढ़ती है, वैसे-वैसे ब्याज दर भी बढ़ती जाती है।
अगर आप 1 से 2 साल के लिए FD कराते हैं तो आपको 6.50% और वरिष्ठ नागरिकों को 7% ब्याज मिलेगा। वहीं 2 से 3 साल की FD पर रेट 6.70% (आम नागरिक) और 7.20% (वरिष्ठ नागरिक) है। सबसे ज्यादा ब्याज 5 साल से 10 साल की FD पर मिल रहा है – आम निवेशकों को 6.30% और सीनियर सिटीजन को 7.30%। ये दरें SBI की ऑफिशियल वेबसाइट पर भी देखी जा सकती हैं, इसलिए निवेश से पहले अपडेट जरूर चेक करें।
ब्याज दरें क्यों बदली गईं हैं?
SBI ने जो नई दरें तय की हैं, वो सिर्फ बैंक के हिसाब से नहीं बल्कि पूरे देश की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए तय की जाती हैं। दरअसल RBI की मौद्रिक नीति और मार्केट में कैश फ्लो के आधार पर ये बदलाव किए जाते हैं। जब देश में महंगाई बढ़ती है या फिर ब्याज दरों में असंतुलन होता है, तब बैंक इस तरह की दरों में बदलाव करता है ताकि सेविंग और लोन दोनों में बैलेंस बना रहे।
सीनियर सिटीजन को क्यों मिल रहा ज्यादा फायदा?
SBI हमेशा से वरिष्ठ नागरिकों को थोड़ा एक्स्ट्रा लाभ देता आया है। इसकी वजह ये है कि उनके पास आमदनी के सीमित स्रोत होते हैं। इसलिए बैंक उन्हें हर FD प्लान पर 0.50% ज्यादा ब्याज देता है। मान लीजिए अगर किसी आम FD पर 6.30% मिल रहा है, तो वही वरिष्ठ नागरिक को 6.80% मिलेगा। यह उनके लिए एक बहुत अच्छा और नियमित इनकम का जरिया बन सकता है।
5 साल की FD पर टैक्स में राहत
अब बात करते हैं उन लोगों की जो टैक्स से बचने के तरीके ढूंढते हैं। अगर आप चाहते हैं कि निवेश के साथ टैक्स में भी छूट मिले, तो SBI की 5 साल की टैक्स सेविंग FD आपके लिए बेस्ट ऑप्शन हो सकती है। इस FD पर इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की छूट मिल सकती है। हां, ध्यान रखें कि इसमें लॉक-इन पीरियड 5 साल का होता है, यानी बीच में पैसे नहीं निकाल सकते।
ब्याज पर टैक्स और TDS की जानकारी
FD से मिलने वाला ब्याज टैक्सेबल होता है। यानी अगर आपकी सालाना आय टैक्स लिमिट से ज्यादा है, तो बैंक आपके FD ब्याज पर TDS काटेगा। हालांकि अगर आपकी इनकम टैक्स के दायरे में नहीं आती, तो आप बैंक में Form 15G (आम नागरिकों के लिए) या Form 15H (वरिष्ठ नागरिकों के लिए) भर सकते हैं, जिससे TDS नहीं कटेगा। इसलिए ये फॉर्म समय पर जमा करना भी जरूरी है।
FD में निवेश करने से पहले ध्यान देने वाली बातें
FD में पैसा लगाने से पहले कुछ जरूरी चीजें समझना बहुत ज़रूरी है। सबसे पहले तो ये ध्यान रखें कि ब्याज दरें समय-समय पर बदलती रहती हैं। इसलिए जो भी प्लान चुन रहे हैं, उसमें बैंक की वेबसाइट पर ताजा दर जरूर चेक करें। दूसरा, अपनी फाइनेंशियल जरूरतों और लक्ष्यों के हिसाब से FD की अवधि तय करें – अगर पैसे की जल्दी जरूरत पड़ सकती है तो लंबी अवधि की FD से बचें। तीसरा, FD पर लगने वाले टैक्स और TDS का असर आपकी इनकम पर क्या पड़ेगा, इसे समझें और जरूरत हो तो किसी एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें।
SBI FD: एक भरोसेमंद और स्थिर निवेश
जिन लोगों को शेयर मार्केट जैसी चीजों में रिस्क लेने का मन नहीं है या जो अपनी पूंजी को सुरक्षित रखना चाहते हैं, उनके लिए SBI की FD स्कीम एकदम सटीक है। खासकर सेवानिवृत्त लोग, गृहिणी या वो लोग जिनकी इनकम अब रुक गई है, उनके लिए FD हर महीने एक सुनिश्चित इनकम का जरिया बन सकती है। और हां, FD की सबसे अच्छी बात ये है कि इसमें पैसा भी सुरक्षित रहता है और बिना टेंशन के रिटर्न भी मिलता है।
निवेश से पहले सोच-विचार ज़रूरी है
कुल मिलाकर SBI की नई FD दरें खासतौर पर उन निवेशकों के लिए फायदेमंद हैं जो सुरक्षित और स्थिर रिटर्न चाहते हैं। वरिष्ठ नागरिकों को भी इसमें अच्छा फायदा मिल रहा है। लेकिन सिर्फ दरें देखकर निवेश करना ठीक नहीं है। हमेशा अपनी जरूरत, टैक्स इफेक्ट और फाइनेंशियल गोल्स को ध्यान में रखकर फैसला लें। सही जानकारी के साथ किया गया निवेश ही लंबे समय में बेहतर फल देता है।
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई ब्याज दरें समय के साथ बदल सकती हैं। निवेश करने से पहले संबंधित बैंक की वेबसाइट पर ताजा जानकारी जरूर देखें या किसी वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। लेखक या प्लेटफॉर्म किसी भी वित्तीय नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा।