School Holiday December 2025 – दिसंबर 2025 की शुरुआत के साथ ही छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के बीच छुट्टियों को लेकर काफी चर्चा शुरू हो गई है। साल का आखिरी महीना वैसे भी त्योहारों, ठंड और साल के अंत की खुशियों से भरा होता है। ऐसे में जब स्कूल–कॉलेज की छुट्टियां साथ मिल जाएं, तो खुशी दोगुनी हो जाती है। इस बार दिसंबर 2025 छात्रों के लिए खास माना जा रहा है, क्योंकि कई राज्यों में 24 से 28 दिसंबर तक लगातार छुट्टियों की स्थिति बन रही है। खासतौर पर उत्तर प्रदेश में 27 दिसंबर को घोषित विशेष अवकाश ने बच्चों की एक्साइटमेंट और बढ़ा दी है।
दिसंबर 2025 में छुट्टियों का माहौल और छात्रों की खुशी
आमतौर पर दिसंबर में बहुत ज्यादा राष्ट्रीय अवकाश नहीं होते, लेकिन इस बार कैलेंडर की तारीखें और राज्य सरकारों के फैसले छात्रों के पक्ष में नजर आ रहे हैं। दिसंबर 2025 में चार रविवार पड़ रहे हैं, जो पहले से ही साप्ताहिक अवकाश होते हैं। इसके अलावा क्रिसमस और कुछ धार्मिक जयंती के कारण कई राज्यों में स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे। इसका सीधा फायदा छात्रों को मिलेगा, जिन्हें पढ़ाई से थोड़ा ब्रेक लेकर आराम करने और परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। ठंड के मौसम में यह छुट्टियां और भी सुकून देने वाली साबित हो सकती हैं।
दिसंबर के अंतिम सप्ताह में लगातार छुट्टियों की स्थिति
दिसंबर 2025 का आखिरी हफ्ता छात्रों के लिए बेहद खास रहने वाला है। 24 दिसंबर से लेकर 28 दिसंबर तक अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग कारणों से अवकाश घोषित किए गए हैं। कुछ जगहों पर क्रिसमस ईव, कुछ जगहों पर धार्मिक जयंती और फिर रविवार की वजह से लगातार चार से पांच दिन तक स्कूल–कॉलेज बंद रहने की संभावना है। इस दौरान बच्चे न सिर्फ आराम कर पाएंगे, बल्कि घूमने-फिरने, रिश्तेदारों से मिलने और त्योहारों का आनंद लेने का भी पूरा मौका मिलेगा।
24 से 28 दिसंबर के बीच किन कारणों से मिल रही हैं छुट्टियां
24 दिसंबर को क्रिसमस ईव के चलते मिजोरम और मेघालय जैसे राज्यों में अवकाश रहेगा। 25 दिसंबर को क्रिसमस पूरे भारत में मनाया जाता है, इसलिए इस दिन लगभग सभी राज्यों में स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे। 26 दिसंबर को हरियाणा में गुरु ऊधम सिंह जयंती के अवसर पर छुट्टी घोषित की गई है। 27 दिसंबर को गुरु गोविंद सिंह जयंती के कारण उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली–NCR में अवकाश रहेगा। इसके बाद 28 दिसंबर को रविवार होने की वजह से पूरे देश में साप्ताहिक अवकाश रहेगा। इस तरह कई राज्यों में लगातार पांच दिन की छुट्टियां बन रही हैं।
राज्यवार छुट्टियों का असर और घूमने-फिरने की योजनाएं
राज्यवार छुट्टियों के कारण उत्तर भारत के कई इलाकों में लंबा ब्रेक देखने को मिलेगा। ऐसे में लोग पहले से ही ट्रैवल प्लान बनाने लगे हैं। पहाड़ी इलाकों, धार्मिक स्थलों और पर्यटन स्थलों पर इस दौरान भीड़ बढ़ने की संभावना है। स्कूल बंद होने की वजह से परिवार बच्चों के साथ बाहर घूमने की योजना बना सकते हैं। होटल और ट्रैवल बुकिंग में भी इस समय तेजी देखी जा सकती है।
उत्तर प्रदेश में शीतकालीन अवकाश की स्थिति
उत्तर प्रदेश में ठंड को देखते हुए शीतकालीन अवकाश की भी तैयारी की जा रही है। पीएम श्री स्कूलों में 20 दिसंबर 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक शीतकालीन अवकाश घोषित किया गया है। परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में यह अवकाश 31 दिसंबर 2025 से 14 जनवरी 2026 तक रहने की संभावना जताई जा रही है। वहीं सीबीएसई और निजी स्कूलों में शीतकालीन अवकाश 1 जनवरी 2026 से शुरू हो सकता है, हालांकि इसका अंतिम फैसला स्कूल प्रबंधन के स्तर पर लिया जाएगा। इस तरह यूपी के छात्रों को दिसंबर के आखिरी दिनों से लेकर जनवरी तक लंबा ब्रेक मिल सकता है।
छुट्टियों का बच्चों के मानसिक और भावनात्मक विकास में महत्व
दिसंबर की छुट्टियां सिर्फ आराम करने का समय नहीं होतीं, बल्कि बच्चों के मानसिक और भावनात्मक विकास के लिए भी काफी जरूरी होती हैं। लंबे समय तक पढ़ाई के बाद यह ब्रेक उन्हें तनाव से राहत देता है। इस दौरान बच्चे खेलकूद, रचनात्मक गतिविधियों और परिवार के साथ समय बिताकर खुद को तरोताजा महसूस करते हैं। इससे नए साल की शुरुआत वे ज्यादा ऊर्जा और उत्साह के साथ कर पाते हैं।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर दिसंबर 2025 छात्रों के लिए काफी खास रहने वाला है। 24 से 28 दिसंबर तक कई राज्यों में लगातार छुट्टियां पड़ रही हैं, वहीं उत्तर प्रदेश में 27 दिसंबर की विशेष छुट्टी ने खुशी का माहौल और बना दिया है। इसके साथ ही शीतकालीन अवकाश की शुरुआत से बच्चों को लंबा ब्रेक मिलेगा, जिसे वे पढ़ाई के साथ-साथ परिवार और मनोरंजन के लिए इस्तेमाल कर सकेंगे।
Disclaimer
यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। स्कूल और कॉलेजों की छुट्टियां राज्य सरकार, जिला प्रशासन और संबंधित शिक्षण संस्थान के आदेशों पर निर्भर करती हैं। छुट्टियों की सही और अंतिम जानकारी के लिए छात्रों और अभिभावकों को अपने स्कूल या कॉलेज की आधिकारिक सूचना जरूर जांचनी चाहिए।