पूरे 24 दिन बंद रहेंगे सरकारी और प्राइवेट स्कूल – जाने छुट्टियों की तारीखें School Closed

पूरे 24 दिन बंद रहेंगे सरकारी और प्राइवेट स्कूल – जाने छुट्टियों की तारीखें School Closed

School Closed – अगर आपके घर में बच्चे स्कूल जाते हैं, तो ये खबर आपके लिए बेहद अहम है। हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और भूस्खलन की चेतावनी को देखते हुए हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड (HPBOSE) ने सभी स्कूलों के लिए छुट्टियों की घोषणा कर दी है। सरकार का ये फैसला बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

लगातार हो रही मूसलाधार बारिश, नदी-नालों का बढ़ता जलस्तर और जगह-जगह हो रहे भूस्खलन ने हालात को काफी खतरनाक बना दिया है। ऐसे में स्कूल जाना बच्चों के लिए जोखिम भरा हो सकता है, और इसी को देखते हुए छुट्टियों का ऐलान कर दिया गया है।

कब से कब तक रहेंगे स्कूल बंद?

हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक स्थिति के अनुसार अलग-अलग इलाकों में जलवायु में फर्क होता है, इसलिए छुट्टियों की तारीखें भी अलग-अलग रखी गई हैं। सबसे पहले बात करें ग्रीष्मकालीन स्कूलों की तो उन्हें 12 जुलाई से 12 अगस्त 2025 तक बंद रखने का आदेश है। कुल्लू जिले के स्कूलों में थोड़ी देरी से छुट्टियां लागू होंगी, यानी 20 जुलाई से 12 अगस्त तक स्कूल बंद रहेंगे।

वहीं शीतकालीन स्कूलों की बात करें तो उन्हें 7 अगस्त से 12 अगस्त तक छुट्टी दी गई है। इसके अलावा जो स्कूल विशेष गर्म क्षेत्रों में आते हैं, जैसे नालागढ़, फतेहपुर आदि, वहां 3 अगस्त से 12 अगस्त तक छुट्टियां रहेंगी। यानी ज्यादातर छात्रों को करीब 24 दिनों का लंबा ब्रेक मिल रहा है, जो गर्मी और बारिश से कुछ राहत जरूर देगा।

छुट्टियों में स्कूल खुला तो होगी कार्रवाई

HPBOSE ने साफ-साफ चेतावनी दी है कि छुट्टियों के दौरान अगर कोई स्कूल खोला गया, कक्षाएं ली गईं या किसी भी तरह की शैक्षणिक गतिविधि चलाई गई और उसमें कोई हादसा हुआ, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन की होगी। खासतौर से प्राइवेट स्कूलों को इस आदेश का सख्ती से पालन करना होगा। अगर कोई स्कूल नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उस पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

सरकार ने छुट्टियों का फैसला क्यों लिया?

राज्य में इस बार मानसून काफी तेज़ है। भारी बारिश के चलते कई जिलों में स्थिति बिगड़ती जा रही है। नदी-नालों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। कई इलाकों में भूस्खलन की वजह से सड़कें जाम हो गई हैं और यातायात भी प्रभावित हो रहा है। कांगड़ा, सोलन, सिरमौर और मंडी जैसे जिलों में प्रशासन ने पहले ही हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। ऐसे में स्कूलों में बच्चों का आना-जाना उनकी जान को खतरे में डाल सकता है, इसलिए सरकार ने एहतियात के तौर पर ये लंबी छुट्टियां घोषित की हैं।

उत्तराखंड में भी सतर्कता बरती जा रही है

हिमाचल की तरह ही उत्तराखंड में भी हालात खराब होते जा रहे हैं। देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और चमोली जैसे जिलों में भारी बारिश की वजह से स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। यानी दोनों पहाड़ी राज्यों में बच्चों की सुरक्षा को सबसे पहले रखा गया है और प्रशासन सतर्कता बरत रहा है।

पढ़ाई का क्या होगा इस दौरान?

अब सवाल आता है कि इतने लंबे ब्रेक में बच्चों की पढ़ाई का क्या होगा? इस बारे में HPBOSE ने कुछ सुझाव दिए हैं। स्कूलों से कहा गया है कि वे छात्रों को ऑनलाइन असाइनमेंट्स दें, होमवर्क या रिवीजन वर्क उपलब्ध कराएं और यदि संभव हो तो ऑनलाइन क्लासेस भी संचालित करें। हालांकि ये सब अनिवार्य नहीं हैं, लेकिन स्कूल और अभिभावक अगर मिलकर प्रयास करें तो बच्चों की पढ़ाई पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।

पेरेंट्स की भूमिका भी बेहद अहम

बोर्ड ने माता-पिता से भी अपील की है कि इस समय बच्चों को कोचिंग सेंटर या भीड़-भाड़ वाले इलाकों में न भेजें। कोशिश करें कि वे घर पर ही रहें और ऑनलाइन पढ़ाई करें। साथ ही भारी बारिश के दिनों में बच्चों को बाहर जाने से रोकें। ये छुट्टियां बच्चों के साथ क्वालिटी टाइम बिताने का भी मौका हैं। इस दौरान आप बच्चों को किताबें पढ़ा सकते हैं, उनका सामान्य ज्ञान बढ़ा सकते हैं या कोई शैक्षिक खेल खेल सकते हैं जिससे पढ़ाई भी हो और मनोरंजन भी।

छुट्टियां हैं, पर लापरवाही नहीं

बच्चों को छुट्टियों की खबर सुनकर भले ही बहुत खुशी हो रही हो, लेकिन ये समय सिर्फ मस्ती का नहीं है। बच्चों की सुरक्षा और पढ़ाई दोनों की जिम्मेदारी पेरेंट्स, स्कूल और प्रशासन की है। खासतौर पर उन क्षेत्रों में जहां बारिश और भूस्खलन की स्थिति गंभीर है, वहां HPBOSE के नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है।

निष्कर्ष

हिमाचल प्रदेश में मानसून को देखते हुए सरकार ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूलों में छुट्टियां घोषित कर दी हैं। यह लंबा ब्रेक आराम, पढ़ाई और सतर्कता का संतुलन बनाए रखने का समय है। अगर पेरेंट्स और स्कूल मिलकर सहयोग करें, तो बच्चे इस समय का अच्छा इस्तेमाल कर सकते हैं – पढ़ाई से जुड़ाव बनाए रखते हुए सुरक्षित और स्वस्थ रह सकते हैं।

डिस्क्लेमर

यह लेख समाचार स्रोतों और शिक्षा बोर्ड की सूचनाओं पर आधारित है। छुट्टियों से जुड़ी अंतिम और आधिकारिक जानकारी संबंधित स्कूल या राज्य शिक्षा विभाग द्वारा ही दी जाएगी। किसी भी निर्णय से पहले स्थानीय स्कूल प्रशासन से पुष्टि अवश्य करें।

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