Sahara India July Payment – सालों से सहारा इंडिया में फंसा हुआ पैसा अब वापस मिलना शुरू हो चुका है। जो लोग वर्षों से इस रकम का इंतज़ार कर रहे थे, उनके लिए 2025 उम्मीद और राहत लेकर आया है। सहारा रिफंड योजना के तहत जुलाई से कई निवेशकों को ₹5000 तक की राशि उनके बैंक खाते में ट्रांसफर की जा रही है। यह पहल उन परिवारों के लिए बहुत बड़ी राहत है जिन्होंने सहारा की योजनाओं में अपनी जमा पूंजी लगा रखी थी।
क्या है सहारा रिफंड योजना?
सहारा इंडिया रिफंड योजना भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही एक विशेष योजना है, जिसकी शुरुआत 18 जुलाई 2023 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की थी। इस योजना का उद्देश्य उन निवेशकों को उनका पैसा लौटाना है जिन्होंने सहारा की चार प्रमुख सहकारी समितियों में पैसा लगाया था। शुरुआत में इस योजना के अंतर्गत 10,000 रुपये तक की राशि लौटाई जा रही थी, लेकिन अब यह सीमा बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दी गई है। कुछ मामलों में 5 लाख रुपये तक की रकम का भी दावा किया जा सकता है।
किन्हें मिलेगा पैसा?
सिर्फ वे निवेशक इस योजना के पात्र हैं जिन्होंने सहारा की चार खास समितियों में पैसा लगाया था – सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी (लखनऊ), सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसाइटी (भोपाल), हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी (कोलकाता) और स्टार्स मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव सोसाइटी (हैदराबाद)। आपके पास निवेश से जुड़ा वैध प्रमाण होना चाहिए और आधार कार्ड, पैन कार्ड (यदि राशि ₹50,000 से ज़्यादा है), बैंक पासबुक जैसी जानकारी भी ज़रूरी है।
कैसे करें ऑनलाइन आवेदन?
इस योजना के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है और इसे घर बैठे आसानी से पूरा किया जा सकता है। सबसे पहले आपको mocrefund.crcs.gov.in वेबसाइट पर जाना होगा। वहां आधार कार्ड के आखिरी चार अंक और उससे लिंक्ड मोबाइल नंबर डालकर OTP वेरिफिकेशन करना होगा। इसके बाद लॉगिन करके क्लेम फॉर्म भरना है जिसमें आपकी जमा राशि, निवेश की तारीख और समिति की जानकारी देनी होगी। सभी ज़रूरी दस्तावेज़ों की स्कैन कॉपी भी अपलोड करनी होती है।
कब मिलेगा पैसा?
फॉर्म सबमिट करने के बाद सरकारी अधिकारी आपके दस्तावेज़ों की जांच करते हैं और यह प्रक्रिया करीब 45 कार्यदिवसों में पूरी होती है। अगर क्लेम मंजूर हो जाता है, तो तय राशि सीधे आपके बैंक खाते में भेज दी जाती है। फिलहाल छोटे निवेशकों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे उनकी ज़रूरतें पहले पूरी हो सकें।
क्या मिलेगा ब्याज भी?
हां, सरकार ने यह घोषणा की है कि सिर्फ मूलधन ही नहीं, बल्कि निवेश की तारीख से लेकर रिफंड की तारीख तक 6% सालाना ब्याज भी दिया जाएगा। यह फैसला लाखों निवेशकों के लिए बहुत राहत भरा है क्योंकि उन्हें अपने सालों से फंसे पैसे पर कुछ लाभ भी मिल रहा है।
अगर आवेदन रिजेक्ट हो जाए तो?
यदि आपका आवेदन किसी वजह से रिजेक्ट हो जाता है, तो परेशान होने की ज़रूरत नहीं है। आप दोबारा फॉर्म सबमिट कर सकते हैं जिसे रि-सबमिशन कहा जाता है। इसके लिए आपके पास CRN नंबर और आधार लिंक्ड मोबाइल नंबर होना ज़रूरी है। दोबारा फॉर्म भरते समय सभी दस्तावेज़ सही और स्पष्ट तरीके से अपलोड करें ताकि दोबारा गलती न हो।
इस योजना का समाज पर असर
सहारा रिफंड योजना का भारतीय समाज पर काफी सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। लाखों ऐसे परिवार जिन्हें वर्षों से उम्मीद नहीं थी कि उनका पैसा वापस मिलेगा, उन्हें अब राहत मिल रही है। बुजुर्गों के इलाज से लेकर बच्चों की पढ़ाई तक, कई ज़रूरतें इस रिफंड से पूरी हो रही हैं। यह योजना न सिर्फ आर्थिक सहायता है बल्कि सरकार की जिम्मेदारी निभाने का भी प्रमाण है।
भविष्य की योजना क्या है?
सरकार फिलहाल छोटे निवेशकों के दावों को प्राथमिकता दे रही है लेकिन जल्द ही बड़े निवेशकों के क्लेम पर भी काम शुरू होगा। तकनीक को और बेहतर किया जा रहा है और भविष्य में मोबाइल ऐप भी लाया जाएगा जिससे पूरी प्रक्रिया और आसान हो जाएगी। सरकार का इरादा है कि हर पात्र व्यक्ति को उसका हक ज़रूर मिले।
FAQs:
Q1. क्या सहारा रिफंड योजना सभी निवेशकों के लिए है?
नहीं, यह योजना केवल चार विशिष्ट सहकारी समितियों में निवेश करने वालों के लिए है।
Q2. क्या एक से ज़्यादा बार आवेदन किया जा सकता है?
अगर पहले आवेदन में कोई गलती हो या रिजेक्ट हो जाए तो आप रि-सबमिशन कर सकते हैं।
Q3. क्या यह पैसा सीधे बैंक खाते में आएगा?
हां, रिफंड राशि सीधे आपके आधार से लिंक्ड बैंक अकाउंट में ट्रांसफर की जाती है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य सूचना के लिए तैयार किया गया है। सहारा रिफंड योजना से जुड़ी सटीक जानकारी और अपडेट्स के लिए केवल सरकारी पोर्टल या संबंधित मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर ही भरोसा करें। हम किसी भी फाइनेंशियल लेन-देन की ज़िम्मेदारी नहीं लेते हैं।