वृद्धा, विधवा और विकलांग पेंशनधारकों के लिए फेस ई-केवाईसी अनिवार्य, सरकार का नया नियम Pension Yojana Face ekyc

वृद्धा, विधवा और विकलांग पेंशनधारकों के लिए फेस ई-केवाईसी अनिवार्य, सरकार का नया नियम Pension Yojana Face ekyc

Pension Yojana Face ekyc – सरकार ने वृद्धा, विधवा और विकलांग पेंशन का लाभ ले रहे लोगों के लिए एक जरूरी निर्देश जारी किया है। अब इन योजनाओं का लाभ तभी मिलेगा जब लाभार्थी फेस ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी करेंगे। इस नियम का उद्देश्य पेंशन प्रणाली को और ज्यादा पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है ताकि केवल असली और पात्र लोगों को ही पेंशन का लाभ मिल सके। सरकार ने यह कदम पेंशन वितरण में हो रही गड़बड़ियों और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए उठाया है। अब अगर किसी ने ई-केवाईसी नहीं कराया है तो उसकी पेंशन भी रोकी जा सकती है।

फेस ई-केवाईसी क्या होता है?

फेस ई-केवाईसी एक डिजिटल तरीका है जिससे व्यक्ति की पहचान उसके चेहरे के जरिए की जाती है। इसमें आधार कार्ड से लिंक किया गया बायोमेट्रिक सिस्टम इस्तेमाल होता है। पहले जहां दस्तावेज जमा करने की झंझट होती थी, वहीं अब इस नई तकनीक के जरिए यह काम आसान हो गया है। इस प्रक्रिया को आप अपने मोबाइल से या नजदीकी पंचायत कार्यालय में जाकर भी पूरा कर सकते हैं। यानी अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और घर बैठे ही ई-केवाईसी मुमकिन हो गई है। यह तरीका तेज भी है और भरोसेमंद भी।

किन्हें करानी है फेस ई-केवाईसी

अगर आप वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन या विकलांग पेंशन जैसी किसी भी सामाजिक सुरक्षा योजना के लाभार्थी हैं, तो आपके लिए फेस ई-केवाईसी कराना अब जरूरी हो गया है। यह नियम सभी राज्यों और जिलों में लागू हो गया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि जिन लोगों ने तय समय सीमा के भीतर ई-केवाईसी नहीं कराई, उनकी पेंशन रोकी जा सकती है। इस प्रक्रिया से सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि योजना का लाभ केवल जीवित और पात्र व्यक्तियों को ही मिल रहा है।

फेस ई-केवाईसी कैसे कराएं

फेस ई-केवाईसी कराने के लिए आपको अपने नजदीकी पंचायत या जनसेवा केंद्र में जाना होगा। कई जगहों पर इसके लिए खास शिविर भी लगाए जा रहे हैं जहां आप फॉर्म भरकर यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। कुछ राज्यों में यह सुविधा ऑनलाइन पोर्टल के जरिए भी उपलब्ध है। अगर आपके पास स्मार्टफोन है, तो आप घर बैठे मोबाइल ऐप के जरिए भी फेस ई-केवाईसी करा सकते हैं। इसके लिए आपके पास आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और योजना से जुड़ी जानकारी होनी चाहिए। जहां इंटरनेट की सुविधा कम है, वहां सरकार ने विशेष प्रयास शुरू किए हैं।

फेस ई-केवाईसी के फायदे

फेस ई-केवाईसी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इससे पेंशन प्रणाली में पारदर्शिता आती है। सरकार को पता चल जाता है कि लाभार्थी अभी जीवित हैं या नहीं। इससे उन मामलों पर लगाम लगेगी जहां मृत लोगों के नाम पर पेंशन जारी रहती है। साथ ही फर्जी पेंशनधारियों की पहचान भी आसानी से हो सकेगी। यह प्रक्रिया समय की बचत भी करती है क्योंकि दस्तावेज जमा कराने और सत्यापन के लिए बार-बार दफ्तर जाने की जरूरत नहीं रहती। सरकार और जनता, दोनों के लिए यह तकनीक फायदेमंद साबित हो रही है।

इन बातों का रखें ध्यान

जब आप फेस ई-केवाईसी कराने जाएं तो आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और योजना से संबंधित जानकारी अपने साथ जरूर रखें। जिनके पास स्मार्टफोन नहीं है या तकनीकी जानकारी कम है, वे पंचायत कार्यालय में जाकर मदद ले सकते हैं। सरकार ने सभी पंचायत और ब्लॉक स्तर के कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि वे लाभार्थियों को पूरी मदद दें। अगर किसी को प्रक्रिया समझने में परेशानी हो रही है, तो वह अपने क्षेत्र के अधिकारियों से सहायता ले सकता है।

डिजिटल प्रक्रिया से बढ़ रही पारदर्शिता

सरकार धीरे-धीरे सभी कल्याणकारी योजनाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ रही है। फेस ई-केवाईसी उसी दिशा में उठाया गया एक मजबूत कदम है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल उन्हीं लोगों को मिले जो वास्तव में इसके हकदार हैं। आने वाले समय में कई और योजनाएं इस तकनीक से जुड़ सकती हैं, इसलिए लाभार्थियों को खुद को अपडेट रखना जरूरी है। अगर आपने अभी तक फेस ई-केवाईसी नहीं कराया है, तो जल्द से जल्द यह प्रक्रिया पूरी करें ताकि आपकी पेंशन पर कोई असर न पड़े।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs):

प्रश्न 1: फेस ई-केवाईसी की आखिरी तारीख क्या है?

इसकी आखिरी तारीख अलग-अलग राज्यों में अलग हो सकती है। सही जानकारी के लिए अपने पंचायत या जिला कार्यालय से संपर्क करें या संबंधित सरकारी पोर्टल पर जानकारी चेक करें।

प्रश्न 2: क्या बिना स्मार्टफोन के ई-केवाईसी हो सकता है?

हां, अगर आपके पास स्मार्टफोन नहीं है तो आप पंचायत कार्यालय या जन सेवा केंद्र जाकर ई-केवाईसी करवा सकते हैं। वहां आपकी पूरी मदद की जाएगी।

प्रश्न 3: फेस ई-केवाईसी के लिए कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हैं?

आपको आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और उस योजना से संबंधित जानकारी रखनी होगी जिसके अंतर्गत आप पेंशन ले रहे हैं।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य सार्वजनिक स्रोतों पर आधारित है। किसी भी सरकारी योजना का लाभ उठाने से पहले संबंधित आधिकारिक पोर्टल या विभाग से पुष्टि करना जरूरी है। ChatGPT द्वारा दी गई जानकारी केवल सूचना के उद्देश्य से है।

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