LPG Cylinder Prices – अगर आप भी हर महीने बढ़ती रसोई गैस की कीमतों से परेशान थे, तो जुलाई 2025 आपके लिए राहत की सांस लेकर आया है। सरकारी तेल कंपनियों ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 100 से 120 रुपये तक की कटौती कर दी है। इस फैसले से खासतौर पर मिडिल क्लास और लोअर इनकम वाले परिवारों को काफी फायदा मिलेगा। आइए जानते हैं कहां कितनी कटौती हुई है और आगे क्या उम्मीद की जा सकती है।
दिल्ली में ₹120 की सबसे बड़ी राहत
राजधानी दिल्ली में एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में ₹120 की जबरदस्त कटौती हुई है। पहले सिलेंडर का रेट ₹903 था, जो अब घटकर ₹783 हो गया है। दिल्ली में जहां पहले से ही महंगाई का असर ज्यादा देखा जाता है, वहां यह फैसला काफी अहम माना जा रहा है। इससे आम परिवारों के महीने का बजट कुछ संतुलित हो सकेगा।
मुंबई में भी कीमतें घटीं, ₹112 तक की राहत
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में भी लोगों को राहत मिली है। यहां एलपीजी सिलेंडर की नई कीमत ₹790 कर दी गई है, जो पहले ₹902 थी। यानी कुल ₹112 की राहत मिली है। मुंबई जैसे मेट्रो शहरों में जहां हर चीज़ पहले से ही महंगी है, वहां गैस सस्ती होना एक अच्छा संकेत है। खासकर नौकरीपेशा और किराये पर रहने वाले लोगों के लिए ये एक अच्छी खबर है।
कोलकाता में ₹115 की राहत, फिर भी महंगा
कोलकाता के लोगों को भी इस बार सरकार ने थोड़ी राहत दी है। यहां सिलेंडर अब ₹814 में मिल रहा है, जबकि पहले इसका रेट ₹929 था। यानी करीब ₹115 की कटौती हुई है। हालांकि, बाकी मेट्रो शहरों की तुलना में यह कीमत अब भी थोड़ी ऊंची है, लेकिन जो राहत मिली है, वो लोगों के चेहरे पर मुस्कान जरूर ला रही है।
जयपुर, लखनऊ और भोपाल में भी अच्छे संकेत
राजधानी शहरों के साथ-साथ दूसरे बड़े शहरों में भी गैस की कीमतों में अच्छी कटौती हुई है।
जयपुर में अब सिलेंडर ₹792 में मिल रहा है, पहले इसका रेट ₹910 के आसपास था। यानी ₹118 की कटौती साफ देखी जा सकती है।
लखनऊ में सिलेंडर की नई कीमत ₹800 है, जबकि पहले यह ₹915 के आसपास था। इस हिसाब से यहां भी ₹115 की राहत मिल रही है।
भोपाल में भी स्थिति कुछ ऐसी ही है। वहां का नया रेट ₹790 कर दिया गया है, जो पहले ₹905 था।
एक ही देश में अलग-अलग रेट क्यों?
अब आपके मन में ये सवाल जरूर आया होगा कि एक ही देश में अलग-अलग शहरों में गैस की कीमतें क्यों अलग-अलग होती हैं? इसका जवाब आसान है – हर राज्य और शहर में टैक्स का स्ट्रक्चर अलग होता है। साथ ही, ट्रांसपोर्टेशन का खर्च और डिस्ट्रीब्यूशन लागत भी अलग-अलग होती है। कुछ राज्यों में सब्सिडी भी ज्यादा मिलती है। इन्हीं सब कारणों की वजह से हर शहर का रेट थोड़ा अलग होता है।
ग्रामीण और कस्बों में भी राहत की लहर
केवल बड़े शहर ही नहीं, बल्कि छोटे कस्बों और ग्रामीण इलाकों में भी एलपीजी की कीमतों में ₹80 से ₹100 तक की कटौती देखने को मिली है। हालांकि, इन इलाकों में ट्रांसपोर्ट खर्च ज्यादा होने की वजह से सिलेंडर की कीमत अब भी शहरों से थोड़ी ज्यादा है, लेकिन जो राहत मिली है, वो भी कम नहीं है।
सबसे ज्यादा फायदा किन्हें होगा?
इस बार की कटौती का सीधा फायदा उन परिवारों को मिलेगा जो हर महीने 1 या 2 सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं। जिनकी आमदनी सीमित है और जो पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे हैं, उनके लिए यह ₹100-₹120 की मासिक बचत साल में ₹1200 से ₹1500 तक की राहत दे सकती है। इस समय जब बिजली बिल, स्कूल फीस और सब्जियों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, ऐसे में यह बचत एक बहुत बड़ी राहत बनकर सामने आई है।
क्या आगे और भी सस्ती होगी गैस?
फिलहाल यह कटौती जुलाई 2025 के लिए लागू की गई है। लेकिन यदि इंटरनेशनल मार्केट में एलपीजी की कीमतें और घटती हैं, तो सरकार आगे और कटौती का ऐलान कर सकती है। हालांकि यह पूरी तरह भारत की अंतरराष्ट्रीय खरीद रणनीति और ग्लोबल कच्चे तेल के दामों पर निर्भर करता है। अगर सब कुछ स्थिर रहा, तो अगस्त में और राहत की उम्मीद की जा सकती है।
लोगों की राय – घर चलाने में अब थोड़ी राहत
जब लोगों से बातचीत की गई, तो ज़्यादातर गृहणियों, बुजुर्गों और छोटे दुकानदारों ने इस कदम का स्वागत किया। उनका कहना था कि हर महीने गैस की कीमतें बढ़ने से टेंशन बनी रहती थी, अब कम से कम कुछ हद तक राहत मिली है। रसोई खर्च थोड़ा काबू में आएगा और इससे अन्य ज़रूरी चीजों में भी संतुलन बन पाएगा।
निष्कर्ष: आम आदमी के लिए राहत की खबर
जुलाई 2025 में एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हुई यह कटौती सरकार का एक सकारात्मक कदम माना जा सकता है। खासकर उस समय जब महंगाई हर दिशा में बढ़ रही है – खाने-पीने की चीज़ों से लेकर बच्चों की स्कूल फीस तक। इस तरह की राहतें हर घर को थोड़ी सुकून भरी सांस देती हैं।
डिस्क्लेमर
यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध समाचारों और सरकारी घोषणाओं पर आधारित है। कीमतें समय के साथ बदल सकती हैं, और आपके इलाके में स्थानीय कर या डिलीवरी शुल्क के कारण अलग हो सकती हैं। सही और ताज़ा जानकारी के लिए अपनी गैस एजेंसी या आधिकारिक सरकारी पोर्टल से संपर्क करें।