Gold Price Update – सोने-चांदी की कीमतें 2025 में लगातार झूलती रहीं हैं। कभी अचानक रेट आसमान छूते हैं तो कभी एक ही झटके में गिरावट आ जाती है। अगर आप सोना खरीदने या उसमें निवेश करने की सोच रहे हैं तो आपको ताज़ा रेट्स और बाज़ार के रुझानों की सही जानकारी ज़रूर होनी चाहिए। इस समय मार्केट में काफी हलचल है और निवेशकों की नजर हर दिन बदलती कीमतों पर बनी हुई है। ऐसे में चलिए जानते हैं कि इस हफ्ते सोने-चांदी के भाव कैसे रहे और अब आगे क्या ट्रेंड रहने की उम्मीद है।
MCX (वायदा बाजार) में कैसा रहा हफ्ते भर का रुझान?
MCX यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोने का वायदा भाव 4 जुलाई 2025 को ₹96,990 प्रति 10 ग्राम था, लेकिन एक हफ्ते में इसमें ₹840 की तेजी आ गई। 11 जुलाई को यही रेट बढ़कर ₹97,830 तक पहुंच गया। हालांकि, ये रेट अब भी ऑल-टाइम हाई ₹1,01,078 से लगभग ₹3,248 कम है। मार्केट जानकारों का मानना है कि दुनिया भर में चल रही अनिश्चितता और अमेरिका की ट्रेड टैरिफ नीति के चलते निवेशकों ने सोने को ‘सेफ हेवन’ यानी सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में अपनाया है, जिससे भाव ऊपर गए।
घरेलू मार्केट (IBJA रेट्स) में क्या रहा हाल?
इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 4 जुलाई को 24 कैरेट सोने का रेट ₹97,021 था, जो 11 जुलाई तक बढ़कर ₹97,510 हो गया। यानी लगभग ₹489 की बढ़त दिखी। इसके अलावा अन्य कैरेट्स के भाव भी अपडेट हुए हैं। जैसे 22 कैरेट सोना ₹95,170 पर पहुंचा है, 20 कैरेट ₹86,780, 18 कैरेट ₹78,980 और 14 कैरेट ₹62,890 के करीब रहा। ध्यान रहे कि ये सभी रेट्स GST और मेकिंग चार्ज के बिना हैं।
बाज़ार में तुलना और बदलाव की तस्वीर कैसी रही?
अगर MCX और IBJA दोनों की तुलना करें, तो MCX पर रेट में तेज़ उतार-चढ़ाव रहा जबकि घरेलू बाजार यानी IBJA रेट्स में थोड़ी स्थिरता नजर आई। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सोने के दाम $3,300 से $3,335 प्रति औंस के बीच रहे लेकिन इनमें कोई बहुत बड़ी छलांग देखने को नहीं मिली। बाज़ार विशेषज्ञों की राय है कि अभी “Buy on Dip” यानी जब दाम थोड़े गिरें तब खरीदने की रणनीति अपनाना समझदारी होगी, क्योंकि लंबी अवधि में सोने की कीमत फिर ऊपर जाने की उम्मीद है।
निवेश करने और गहने खरीदने वालों के लिए सलाह
अगर आप निवेश करने का मन बना रहे हैं, तो जब सोने का भाव ₹96,500 से ₹97,000 के बीच हो, तब खरीदारी करना एक अच्छा मौका हो सकता है। क्योंकि इस दायरे के बाद इसमें फिर से उछाल आने की संभावना जताई जा रही है। वहीं अगर आप गहने खरीदने की सोच रहे हैं, तो रेट के अलावा आपको 3% GST और मेकिंग चार्ज भी जोड़कर देखना चाहिए, क्योंकि अंतिम कीमत इन्हीं से तय होती है। मेकिंग चार्ज शहर और ज्वेलर्स के हिसाब से अलग-अलग हो सकता है।
मौसम और ट्रेंड का क्या असर पड़ा है?
आमतौर पर मानसून के सीज़न यानी जून से सितंबर के बीच सोने की डिमांड थोड़ी कम हो जाती है, जिससे रेट में स्थिरता आती है। लेकिन इस बार वैश्विक जोखिम जैसे ट्रेड वॉर, महंगाई की आशंका और डॉलर की चाल ने कीमतों को नीचे गिरने नहीं दिया। इसी कारण इस सीज़न में भी कीमतें ऊपर बनी रहीं। तकनीकी एनालिसिस से भी पता चलता है कि सोना ₹94,900 से ₹98,900 के दायरे में ट्रेड कर रहा है और अगर ये ₹1,01,000 के स्तर को पार करता है, तो एक नई ऊंचाई देखने को मिल सकती है।
क्या है निष्कर्ष?
अगर आप सोना खरीदने का मन बना चुके हैं, तो जल्दबाज़ी से बचें और बाजार की हलचल पर नजर रखें। चाहे निवेश हो या गहनों की खरीदारी, हर कदम सोच-समझकर उठाना जरूरी है। रेट गिरने पर खरीदना और फिर लंबे समय तक होल्ड करना एक बेहतर रणनीति मानी जा सकती है। वहीं अगर आप सिर्फ शादी या त्योहार के लिए गहने लेना चाहते हैं, तो मेकिंग चार्ज और टैक्स को ध्यान में रखकर ही फैसला लें।
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दिए गए आंकड़े और राय विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों पर आधारित हैं। निवेश या खरीदारी से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से ज़रूर सलाह लें, क्योंकि बाजार में उतार-चढ़ाव सामान्य बात है और इससे नुकसान भी हो सकता है।