DU Admission 2025 – दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) में एडमिशन का सीजन अपने जोरों पर है। 19 जुलाई 2025 को डीयू ने CUET-UG स्कोर के आधार पर पहली सीट अलॉटमेंट लिस्ट जारी की, और इस लिस्ट से एक बार फिर यह बात साफ हो गई कि छात्रों का झुकाव अब भी आर्ट्स और कॉमर्स की तरफ ज्यादा है। जबकि साइंस कोर्सेज, जिनकी एक समय पर खूब डिमांड हुआ करती थी, अब खाली सीटों के साथ संघर्ष कर रहे हैं।
पहली लिस्ट में रिकॉर्ड तोड़ एडमिशन
डीयू में इस साल कुल 71,624 सीटें हैं लेकिन पहली लिस्ट में ही 93,166 सीटों का अलॉटमेंट कर दिया गया। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि कई छात्रों को एक से ज्यादा कोर्स और कॉलेज का विकल्प दिया गया। इस भारी संख्या में अलॉटमेंट के बावजूद करीब 62,000 छात्रों ने अपनी सीट पहली ही लिस्ट में कंफर्म कर दी। इसका मतलब यह है कि छात्र डीयू में दाखिले को लेकर अब भी बेहद उत्साहित हैं, लेकिन उनमें से अधिकतर का फोकस कुछ खास स्ट्रीम्स पर ही है।
कॉमर्स और आर्ट्स कोर्सेस बने छात्रों की पहली पसंद
जैसा कि हर साल होता है, इस बार भी बीकॉम (ऑनर्स) सबसे ज्यादा पसंद किया गया कोर्स रहा। लगभग 48,336 छात्रों ने इसे अपनी पहली प्राथमिकता दी। वहीं, बीए (ऑनर्स) पॉलिटिकल साइंस को 15,295 छात्रों ने पहला विकल्प बनाया, जिससे यह दूसरा सबसे लोकप्रिय कोर्स बना। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि बीएससी (ऑनर्स) जूलॉजी को इस बार इंग्लिश ऑनर्स जैसे पारंपरिक कोर्स से ज्यादा प्राथमिकता मिली। लगभग 12,722 छात्रों ने जूलॉजी को अपनी पहली पसंद बनाया। यह ट्रेंड दिखाता है कि अब छात्र अपने करियर को सरकारी नौकरियों और सिविल सर्विसेस की दिशा में सोच रहे हैं, और उसी अनुसार कोर्स का चुनाव कर रहे हैं।
साइंस कोर्सेज क्यों हुए पिछड़े?
साइंस कोर्सेज की डीयू में अच्छी प्रतिष्ठा है, लेकिन इस बार इन कोर्सेज में कई सीटें खाली रह गई हैं। इसके पीछे एक नहीं बल्कि कई वजहें हैं। सबसे बड़ा कारण है NEET और JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाएं। साइंस स्ट्रीम के अधिकतर छात्र पहले से ही मेडिकल या इंजीनियरिंग की तैयारी में लगे होते हैं, इसलिए वे डीयू जैसे जनरल डिग्री कोर्सेज को अपनी प्राथमिकता में नहीं रखते।
दूसरी बात, इस बार टॉप साइंस कोर्सेज जैसे फिजिक्स, मैथ्स और बॉटनी की कटऑफ अपेक्षाकृत कम रही, जो कि 834 से 678 के बीच थी। लेकिन इसके बावजूद छात्रों ने इन कोर्सेज में खास रुचि नहीं दिखाई। वहीं, स्टैटिस्टिक्स और इकोनॉमिक्स जैसे हाइब्रिड कोर्सेज, जिनमें साइंस और कॉमर्स दोनों का टच होता है, उनमें बहुत ज्यादा प्रतिस्पर्धा रही। इसलिए इन कोर्सेज में दाखिला पाना थोड़ा मुश्किल हो गया।
अब आगे क्या? DU Admission की दूसरी लिस्ट आने वाली है
पहली लिस्ट के बाद एडमिशन प्रक्रिया अभी भी जारी है। जिन छात्रों को अपनी पसंद का कोर्स नहीं मिल पाया है, वे दूसरी लिस्ट का इंतजार कर सकते हैं। 24 जुलाई को डीयू ने खाली सीटों की जानकारी वेबसाइट पर जारी की और उसी दिन से छात्रों को अपने विकल्प बदलने का मौका भी मिला। अब 28 जुलाई को दूसरी सीट अलॉटमेंट लिस्ट जारी की जाएगी और 30 जुलाई तक छात्र अपनी नई सीट स्वीकार कर सकेंगे। यह एक शानदार मौका है उन छात्रों के लिए जो पहली लिस्ट से संतुष्ट नहीं थे।
छात्रों के लिए कुछ जरूरी बातें
सबसे पहले तो यह समझना जरूरी है कि सीट स्वीकार करने की डेडलाइन को नजरअंदाज करना नुकसानदायक हो सकता है। अगर आपने समय पर सीट एक्सेप्ट नहीं की, तो अगली लिस्ट में आपका नाम आना मुश्किल हो सकता है। इसके अलावा, अगर आपने अभी तक अपनी पहली पसंद का कोर्स नहीं पाया है, तो अपग्रेड का विकल्प जरूर चुनें। और अगर आप साइंस कोर्स में रुचि रखते हैं, तो अभी भी कई कोर्स में सीटें खाली हैं – तो मौका हाथ से न जाने दें।
FAQs: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न 1: क्या पहली लिस्ट में सीट ना मिलने पर अगली लिस्ट में मौका मिल सकता है?
हां, अगर आपने सीट एक्सेप्ट नहीं की या पसंद का कोर्स नहीं मिला तो अगली लिस्ट में विकल्प बदलकर बेहतर कोर्स मिल सकता है।
प्रश्न 2: क्या साइंस कोर्स में अभी भी एडमिशन संभव है?
बिल्कुल, कई साइंस कोर्स में सीटें खाली हैं। अगर आपकी रुचि उस दिशा में है तो तुरंत विकल्प बदलकर कोशिश करें।
प्रश्न 3: क्या अपग्रेड चुनने से मौजूदा सीट पर असर पड़ेगा?
नहीं, अपग्रेड ऑप्शन से आपकी वर्तमान सीट सुरक्षित रहती है और अगर बेहतर विकल्प मिलता है तो वह अलॉट हो सकता है।
Disclaimer: यह लेख डीयू एडमिशन से संबंधित उपलब्ध जानकारी और रुझानों के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी प्रकार के अंतिम निर्णय से पहले डीयू की आधिकारिक वेबसाइट से जानकारी अवश्य जांचें। लेख में दी गई जानकारी समय के साथ बदल सकती है।
📌 DU Official Website: https://admission.uod.ac.in