BED DELED New Rules 2026: अगर आप शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे हैं और बीएड या डीएलएड कोर्स करने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। शिक्षा मंत्रालय और राष्ट्रीय शिक्षक परिषद (NCTE) ने शिक्षक प्रशिक्षण को लेकर नए नियम जारी किए हैं, जिनका असर सीधे बीएड और डीएलएड करने वाले छात्रों पर पड़ेगा। इन बदलावों का मकसद साफ है—देश में शिक्षकों की गुणवत्ता को बेहतर बनाना और प्रशिक्षण को ज्यादा व्यावहारिक और मजबूत बनाना।
अब एक साथ बीएड और डीएलएड करना संभव नहीं होगा
नए नियमों के तहत अब कोई भी छात्र एक ही समय में बीएड और डीएलएड दोनों कोर्स नहीं कर पाएगा। पहले कई छात्र समय बचाने या जल्दी डिग्री पाने के लिए दोनों कोर्स साथ-साथ कर लेते थे, लेकिन NCTE का मानना है कि इससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता प्रभावित होती थी। एक साथ दो कोर्स करने से न तो पढ़ाई पर पूरा फोकस हो पाता था और न ही प्रैक्टिकल ट्रेनिंग सही तरीके से हो पाती थी। अब छात्रों को पहले एक कोर्स पूरा करना होगा, उसके बाद ही दूसरे कोर्स में दाखिला ले सकेंगे।
इंटर्नशिप अवधि बढ़ी, 6 महीने का प्रशिक्षण अनिवार्य
बीएड और डीएलएड दोनों कोर्स में अब 6 महीने की अनिवार्य इंटर्नशिप जोड़ दी गई है। इस दौरान छात्रों को स्कूलों में जाकर वास्तविक कक्षा शिक्षण, बच्चों से संवाद और स्कूल के माहौल को करीब से समझने का मौका मिलेगा। पहले इंटर्नशिप की अवधि कम होने के कारण छात्रों को पर्याप्त प्रैक्टिकल अनुभव नहीं मिल पाता था। नए नियमों के बाद छात्रों को पढ़ाने का वास्तविक अनुभव मिलेगा, जिससे वे भविष्य में बेहतर शिक्षक बन सकेंगे।
केवल NCTE मान्यता प्राप्त संस्थान की डिग्री ही होगी मान्य
NCTE ने साफ कर दिया है कि अब केवल उन्हीं कॉलेजों और संस्थानों से प्राप्त बीएड और डीएलएड की डिग्री मान्य होगी, जो पूरी तरह से NCTE से मान्यता प्राप्त हैं। देश में अभी भी कई ऐसे संस्थान हैं जो बिना मान्यता के कोर्स चला रहे हैं और छात्रों को भ्रमित कर रहे हैं। ऐसे संस्थानों से की गई डिग्री भविष्य में मान्य नहीं होगी और नौकरी के समय छात्रों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है। इसलिए दाखिला लेने से पहले संस्थान की मान्यता जांचना बेहद जरूरी हो गया है।
ऑनलाइन मोड पर रोक, प्रैक्टिकल ट्रेनिंग रहेगी ऑफलाइन
शिक्षा मंत्रालय का मानना है कि शिक्षक प्रशिक्षण पूरी तरह से ऑनलाइन नहीं हो सकता, क्योंकि यह एक व्यावहारिक पेशा है। इसी वजह से नए नियमों में ऑनलाइन मोड पर काफी हद तक रोक लगा दी गई है। केवल कुछ थ्योरी विषय ही ऑनलाइन पढ़ाए जा सकेंगे, जबकि प्रैक्टिकल क्लास, टीचिंग प्रैक्टिस और इंटर्नशिप पूरी तरह से ऑफलाइन ही होगी। इससे छात्रों को असली कक्षा माहौल में पढ़ाने का अनुभव मिलेगा और उनका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।
NCTE की छात्रों को सख्त चेतावनी
NCTE ने छात्रों को चेतावनी दी है कि किसी भी संस्थान में दाखिला लेने से पहले उसकी मान्यता, फीस स्ट्रक्चर, कोर्स की अवधि और इंटर्नशिप से जुड़ी पूरी जानकारी जरूर जांच लें। फर्जी, अवैध या शॉर्टकट तरीके से कोर्स कराने वाले संस्थानों से दूरी बनाए रखें। ऐसे संस्थानों से की गई डिग्री न केवल अमान्य हो सकती है, बल्कि भविष्य में सरकारी या निजी नौकरी पाने में भी दिक्कत आ सकती है। 2025 के बाद नए नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर शिक्षा मंत्रालय और NCTE का मानना है कि ये नए नियम शिक्षक प्रशिक्षण प्रणाली को ज्यादा मजबूत और प्रभावी बनाएंगे। छात्रों को अब ज्यादा मानक आधारित, व्यावहारिक और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण मिलेगा। इससे भविष्य में देश को बेहतर, सक्षम और जिम्मेदार शिक्षक मिल सकेंगे, जो शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाएंगे।
Disclaimer
यह लेख विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और सामान्य जानकारी पर आधारित है। बीएड और डीएलएड से जुड़े नियम समय-समय पर बदल सकते हैं। किसी भी कोर्स में प्रवेश लेने से पहले संबंधित विश्वविद्यालय, कॉलेज या NCTE की आधिकारिक वेबसाइट से नवीनतम और सही जानकारी जरूर जांच लें।