Sukanya Samriddhi Yojana – हर मां-बाप चाहते हैं कि उनकी बेटी का भविष्य सुरक्षित और खुशहाल हो। पढ़ाई-लिखाई से लेकर शादी तक हर जरूरत में पैसों की टेंशन न हो, इसीलिए सही समय पर सही योजना में निवेश करना जरूरी हो जाता है। इसी सोच के साथ सरकार ने “सुकन्या समृद्धि योजना” की शुरुआत की थी। ये योजना बेटियों के नाम पर बचत करने का एक शानदार तरीका है, जिसमें न सिर्फ ज्यादा ब्याज मिलता है बल्कि टैक्स की भी पूरी छूट मिलती है।
क्या है सुकन्या समृद्धि योजना?
यह स्कीम खास बेटियों के लिए बनाई गई है ताकि उनके बड़े होते-होते एक अच्छा फंड तैयार हो जाए जो उनकी पढ़ाई या शादी के वक्त काम आ सके। इस योजना के तहत आप बेटी के नाम से एक खाता खुलवा सकते हैं जिसमें हर साल आप कम से कम ₹250 और ज्यादा से ज्यादा ₹1.5 लाख तक जमा कर सकते हैं। इसमें मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी का पैसा – दोनों ही पूरी तरह टैक्स फ्री रहते हैं।
ब्याज दर और टैक्स छूट का फायदा
2025 के जुलाई में इस योजना पर सरकार 8% की वार्षिक ब्याज दर दे रही है, जो पीपीएफ, एफडी या बाकी सेविंग ऑप्शन से कहीं ज्यादा है। इसमें निवेश करने पर सालाना ₹1.5 लाख तक की रकम पर टैक्स छूट मिलती है, और सबसे अच्छी बात – मैच्योरिटी के समय जो भी राशि आपको मिलती है, वो भी टैक्स फ्री होती है। यानी EEE कैटेगरी में आने वाला यह प्लान पूरी तरह से टैक्स से राहत देता है।
खाता कौन और कैसे खोल सकता है?
अगर आपकी बेटी की उम्र 10 साल से कम है, तो आप उसके नाम से किसी भी पोस्ट ऑफिस या बैंक में सुकन्या समृद्धि खाता खुलवा सकते हैं। इसके लिए बेटी का जन्म प्रमाण पत्र, माता-पिता का आधार कार्ड और एड्रेस प्रूफ जैसे दस्तावेज लगते हैं। खाता खुलवाने के लिए पहले ₹250 जमा करना अनिवार्य है। उसके बाद आप साल भर में कभी भी, कितनी भी बार पैसा जमा कर सकते हैं।
मैच्योरिटी और निकासी के नियम
इस स्कीम की मैच्योरिटी अवधि 21 साल है यानी खाता खुलने के 21 साल बाद आप पूरी राशि निकाल सकते हैं। हालांकि अगर बेटी की शादी 18 साल की उम्र के बाद हो रही हो, तो उस समय भी आप ये पैसा निकाल सकते हैं। बेटी के 18 साल पूरे होने या 10वीं कक्षा पास करने पर उसकी पढ़ाई के लिए आप 50% राशि आंशिक रूप से निकाल सकते हैं। अगर दुर्भाग्यवश बेटी की मृत्यु हो जाए, तो पूरी जमा राशि ब्याज सहित नॉमिनी को दी जाती है।
खाता संचालन और नॉमिनी की सुविधा
जब तक बेटी 18 साल की नहीं हो जाती, तब तक खाता माता-पिता या अभिभावक ही चलाते हैं। उसके बाद बेटी खुद अपना खाता ऑपरेट कर सकती है। इसमें नॉमिनी जोड़ने का भी ऑप्शन होता है ताकि किसी आकस्मिक स्थिति में पैसा सही व्यक्ति को मिले। अगर किसी साल आप न्यूनतम ₹250 नहीं जमा कर पाते हैं तो खाता डिफॉल्ट में चला जाता है, लेकिन उसे बाद में पेनल्टी के साथ फिर से एक्टिव किया जा सकता है।
योजना की बड़ी खूबियां क्या हैं?
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें ब्याज दर ज्यादा है और टैक्स से पूरी राहत मिलती है। इससे माता-पिता को यह भरोसा रहता है कि बेटी के भविष्य के लिए एक अच्छा फंड तैयार हो रहा है। छोटी रकम से भी बड़ी बचत संभव हो जाती है। साथ ही ये निवेश की आदत भी डालता है – वो भी बेटियों के नाम पर।
3 जरूरी सवाल – जवाब के साथ
सवाल 1: क्या एक परिवार में दो बेटियों के लिए दो खाते खोले जा सकते हैं?
हां, एक परिवार दो बेटियों के लिए दो खाते खोल सकता है। अगर जुड़वां बेटियां हैं तो तीसरे खाते की भी छूट मिल जाती है, लेकिन इसके लिए उचित दस्तावेज देने होते हैं।
सवाल 2: क्या मैं हर महीने पैसे जमा कर सकता हूं?
बिलकुल, आप महीने में कई बार या साल में कभी भी पैसा जमा कर सकते हैं, जब तक कि साल के अंत तक कुल राशि ₹250 से कम न हो। अधिकतम सीमा ₹1.5 लाख है।
सवाल 3: क्या बेटी विदेश में पढ़ाई करने जाए तो भी पैसा निकाल सकते हैं?
अगर बेटी 18 साल की हो चुकी है और पढ़ाई के लिए विदेश भी जा रही है, तो आप उसके लिए 50% तक की राशि निकाल सकते हैं, बशर्ते पढ़ाई से संबंधित दस्तावेज सही तरीके से दिए जाएं।
निष्कर्ष
सुकन्या समृद्धि योजना एक ऐसी सरकारी स्कीम है जो हर माता-पिता को जरूर अपनानी चाहिए। ये योजना बेटी के उज्ज्वल भविष्य की गारंटी देती है, और उसकी शिक्षा या शादी के समय पैसों की कमी न हो, इसका पूरा ख्याल रखती है। कम निवेश में बड़ा फायदा मिलने वाली ये योजना आर्थिक सुरक्षा और मानसिक सुकून दोनों देती है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी देने के उद्देश्य से लिखा गया है। योजना की सभी शर्तें, ब्याज दरें और नियम समय-समय पर बदल सकते हैं। खाता खोलने से पहले पोस्ट ऑफिस या संबंधित बैंक से आधिकारिक जानकारी जरूर प्राप्त करें।