Contract Employees Salary Hike – उत्तराखंड सरकार की तरफ से संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। लंबे समय से वेतन और महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की मांग कर रहे कर्मचारियों को आखिरकार राहत मिल गई है। उत्तराखंड परिवहन निगम की 22वीं बोर्ड बैठक में एक ऐतिहासिक फैसला लिया गया, जिसमें संविदा और आउटसोर्सिंग के तहत काम कर रहे कर्मचारियों के वेतन और महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी की घोषणा की गई। यह बढ़ोतरी 1 मई 2025 से पूरे राज्य में प्रभावी हो गई है, जिससे हजारों कर्मचारियों को सीधा फायदा मिलेगा।
अब संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों को भी मिलेगा बढ़ा हुआ DA
उत्तराखंड परिवहन विभाग ने इस फैसले को लेकर एक आधिकारिक आदेश जारी किया है, जिसमें यह साफ किया गया है कि अब संविदा और आउटसोर्सिंग पर कार्यरत कर्मचारियों को भी नियमित कर्मचारियों के अनुपात में महंगाई भत्ता मिलेगा। यह एक बड़ी बात इसलिए भी है क्योंकि अब तक इन कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों की तुलना में कम भत्ता मिलता था, जिससे वे लगातार नाराज थे। सरकार ने अब 4% की बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है, जिससे कर्मचारियों की जेब में कुछ राहत पहुंचेगी।
बढ़े हुए भत्ते से आर्थिक स्थिति में आएगा सुधार
महंगाई के इस दौर में, जब हर रोज की जरूरतें महंगी होती जा रही हैं, ऐसे में यह फैसला कर्मचारियों के लिए राहत की सांस जैसा है। सरकार का उद्देश्य सिर्फ भत्ता बढ़ाना नहीं है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना है कि इन कर्मचारियों को भी वो सम्मान और सुविधा मिले जो किसी भी स्थायी कर्मचारी को मिलती है। यह कदम उनकी आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के साथ-साथ उनके जीवन स्तर को भी सुधारने की दिशा में एक ठोस शुरुआत है।
किन कर्मचारियों को कितना लाभ मिला?
अब बात करते हैं कि इस फैसले से किन-किन श्रेणियों के कर्मचारियों को कितना फायदा मिला है। उत्तराखंड परिवहन निगम में अलग-अलग क्षेत्रों और जिम्मेदारियों के अनुसार कर्मचारियों को भत्ते दिए जाते हैं। उदाहरण के लिए, मैदानी क्षेत्र में कार्यरत चालकों को पहले ₹3.30 प्रति किलोमीटर महंगाई भत्ता दिया जाता था, जिसे अब बढ़ाकर ₹3.39 कर दिया गया है। इसी तरह, मैदानी क्षेत्र के परिचालकों को पहले ₹2.71 प्रति किलोमीटर मिलता था, जो अब ₹2.79 हो गया है। वहीं, विशेष श्रेणी के चालकों के लिए यह राशि ₹3.675 से बढ़ाकर ₹3.85 प्रति किलोमीटर कर दी गई है।
निर्णय की जानकारी किसने दी?
इस संबंध में उत्तराखंड परिवहन निगम के वित्त नियंत्रक आनंद सिंह द्वारा एक आधिकारिक आदेश जारी किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्णय निगम की 22वीं बोर्ड बैठक में लिया गया और इसे तुरंत प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका लाभ पूरे राज्य में लागू होगा, जिससे सभी संविदा और आउटसोर्सिंग पर काम कर रहे कर्मचारी लाभान्वित होंगे।
कर्मचारियों में खुशी की लहर
इस फैसले के बाद संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। वे लंबे समय से इस मुद्दे पर ज्ञापन और प्रदर्शन कर रहे थे। अब जब सरकार ने उनकी मांग पर ध्यान दिया और इस दिशा में ठोस कदम उठाया, तो उनके चेहरे पर सुकून और संतोष साफ झलक रहा है। इसे वह एक सकारात्मक संकेत के रूप में देख रहे हैं और उन्हें उम्मीद है कि आने वाले समय में और भी सुधार होंगे।
सरकार का उद्देश्य और नजरिया
सरकार का यह फैसला यह दिखाता है कि वह संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को केवल एक अस्थायी संसाधन नहीं, बल्कि एक अहम योगदानकर्ता मानती है। यही कारण है कि उन्हें भी नियमित कर्मचारियों जैसी सुविधाएं देने की कोशिश की जा रही है। सरकार चाहती है कि सभी श्रेणियों के कर्मचारियों को समान सम्मान मिले और वे आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर देखा जाए तो उत्तराखंड सरकार का यह फैसला स्वागतयोग्य है। यह सिर्फ वेतन वृद्धि का मामला नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक और मानवीय दृष्टिकोण का भी प्रतीक है। इससे न केवल कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी, बल्कि उनका आत्मविश्वास और सरकारी तंत्र में भरोसा भी बढ़ेगा। उम्मीद की जा सकती है कि भविष्य में सरकार इस तरह के और फैसले लेगी, जिससे संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मियों की स्थिति और मजबूत हो।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी विभिन्न समाचार स्रोतों और आधिकारिक आदेशों पर आधारित है। वेतन और भत्तों से संबंधित अंतिम निर्णय संबंधित विभाग द्वारा जारी अधिसूचना और आदेशों पर निर्भर करता है। कृपया किसी भी आधिकारिक कार्रवाई या निर्णय से पहले संबंधित विभाग की पुष्टि अवश्य करें।