8वें वेतन आयोग से सैलरी में होगा 30 से 34 फीसदी तक का जबरदस्त इजाफा 8th Pay Commission

8वें वेतन आयोग से सैलरी में होगा 30 से 34 फीसदी तक का जबरदस्त इजाफा 8th Pay Commission

8th Pay Commission – केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 2025 की शुरुआत एक बड़ी खुशखबरी लेकर आई है। सरकार ने आखिरकार आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की घोषणा कर दी है। ये वही आयोग होगा जो लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की सैलरी और पेंशन को नए सिरे से तय करेगा। हालांकि, अभी तक आयोग के अध्यक्ष और बाकी सदस्यों की नियुक्ति नहीं हुई है, लेकिन इतना तय है कि सरकार ने इसके गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

आयोग बनने में थोड़ा वक्त लेकिन असर बड़ा

आठवें वेतन आयोग के गठन में अभी थोड़ा समय लग सकता है क्योंकि सरकार को पहले इसके लिए चेयरमैन और अन्य सदस्यों की नियुक्ति करनी होगी। इसके बाद आयोग को संदर्भ की शर्तें दी जाएंगी ताकि वह अपने काम की रूपरेखा तय कर सके। जब ये सभी चीजें हो जाएंगी तब आयोग वेतन संरचना पर काम शुरू करेगा। इसमें कर्मचारियों की वर्तमान वेतन, महंगाई दर, जीवन यापन की लागत जैसी चीजों पर गहराई से अध्ययन किया जाएगा और फिर सिफारिशें तैयार की जाएंगी।

किस-किस को मिलेगा फायदा?

इस आयोग से देशभर के करीब एक करोड़ से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशन पाने वालों को फायदा मिलने वाला है। इसमें केंद्र सरकार के मंत्रालयों, विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों और अन्य सरकारी संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारी शामिल हैं। इसके अलावा रिटायर हो चुके कर्मचारी भी इसमें शामिल हैं क्योंकि जब वेतन बढ़ेगा तो उनकी पेंशन भी उसी हिसाब से बढ़ेगी। सिर्फ सैलरी ही नहीं, बल्कि डीए, एचआरए, टीए और अन्य भत्तों में भी बढ़ोतरी होगी।

अब भी सांतवें वेतन आयोग पर मिल रही है सैलरी

फिलहाल सरकारी कर्मचारी सातवें वेतन आयोग के तहत वेतन पा रहे हैं, जो 2016 से लागू है। अब आठवें वेतन आयोग के लागू होने से उनकी आर्थिक स्थिति और भी मजबूत होगी। इससे न सिर्फ उनकी इन हैंड सैलरी बढ़ेगी, बल्कि उनका जीवनस्तर भी बेहतर होगा। साथ ही, खर्च करने की ताकत बढ़ने से बाजार में मांग भी बढ़ेगी और देश की अर्थव्यवस्था में गति आएगी।

कब तक लागू हो सकता है आयोग?

जानकारों की मानें तो आयोग की रिपोर्ट 2025 के अंत तक आ सकती है। लेकिन इसे लागू होते-होते जनवरी 2026 आ सकता है। यानी कर्मचारियों को इसका फायदा मिलने में लगभग 15 से 18 महीने का समय लग सकता है। इसमें कोई शक नहीं कि यह एक लंबी प्रक्रिया है, लेकिन इसका असर भी उतना ही जबरदस्त होगा।

30% से ज्यादा बढ़ सकती है सैलरी

अंबिट इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जब 8वां वेतन आयोग लागू होगा, तब कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में 30 से 34 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो सकती है। ये इजाफा किस हद तक होगा, ये पूरी तरह फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर करेगा, जिसे सरकार बाद में तय करेगी।

क्या होता है फिटमेंट फैक्टर?

फिटमेंट फैक्टर दरअसल एक गुणा करने वाला नंबर होता है जो पुराने वेतन को नए वेतन में बदलने में मदद करता है। मान लीजिए किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है और फिटमेंट फैक्टर 2.0 तय हुआ तो नई सैलरी सीधे 36,000 रुपये हो जाएगी। ये फैक्टर जितना ज्यादा होगा, वेतन में उतनी ही ज्यादा बढ़ोतरी होगी। सरकार इसको तय करते वक्त महंगाई, सरकारी बजट और जीवन यापन की लागत जैसी चीजों को ध्यान में रखेगी।

संभावित फिटमेंट फैक्टर की सीमा क्या होगी?

जानकारों के मुताबिक, आठवें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 1.83 से लेकर 2.46 के बीच हो सकता है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि न्यूनतम बेसिक पे में भी अच्छी-खासी बढ़ोतरी होगी। पिछले वेतन आयोगों की बात करें तो छठे वेतन आयोग में ये 1.86 और सातवें वेतन आयोग में 2.57 रहा था। यानी इस बार भी उम्मीद की जा सकती है कि यह सीमा अच्छी खासी होगी।

भत्तों में भी होगी सीधी बढ़ोतरी

बेसिक सैलरी बढ़ने का सबसे सीधा असर कर्मचारियों के अन्य भत्तों पर पड़ता है। चूंकि हाउस रेंट अलाउंस (HRA), ट्रैवल अलाउंस (TA), महंगाई भत्ता (DA) जैसी चीजें बेसिक के प्रतिशत पर तय होती हैं, तो इनके बढ़ने से इन हैंड सैलरी में भी अच्छा इजाफा होगा। यही नहीं, रिटायर कर्मचारियों की पेंशन और उनसे जुड़ी सुविधाएं भी बढ़ेंगी जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर हो जाएगी।

देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा अच्छा असर

जब इतने करोड़ कर्मचारियों की आय में बढ़ोतरी होगी तो उनका खर्च करने का दायरा भी बढ़ेगा। इससे बाजार में डिमांड बढ़ेगी और आर्थिक गतिविधियों को रफ्तार मिलेगी। भले ही सरकार के लिए ये बजट पर अतिरिक्त बोझ हो, लेकिन इसका पॉजिटिव असर देश की ग्रोथ पर दिखेगा। इसके साथ ही कर्मचारियों का मनोबल भी बढ़ेगा और वे अपने काम में ज्यादा मन लगाएंगे।

डिस्क्लेमर

यह लेख केवल सामान्य जानकारी देने के उद्देश्य से लिखा गया है और यह मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। इसमें दी गई जानकारियां सरकारी अधिसूचनाओं का स्थान नहीं लेतीं। वेतन आयोग की सिफारिशें बदल भी सकती हैं, इसलिए किसी भी निर्णय से पहले आधिकारिक जानकारी जरूर चेक करें।

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